Diwali Essay In Hindi | Diwali Nibandh In Hindi: Latest

Diwali Celebration in India – दिवाली उजाले का प्रतिक है, दिवाली को दीपावली भी कहा जाता है। यदि हम दीपावली का उच्चारण करे तो इसका मतलब होगा ” दिया ” जो हम भगवान की पूजा करने के लिए जलाते है। दिवाली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्यौहार है, सभी हिन्दू दिवाली को काफी धूम धाम से मानते हैं। दिवाली हिन्दू कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर या नवंबर में पड़ता है। दिवाली तीन दिनों का होता है, जिसमे सबसे पहला दिन धनतेरस के नाम से प्रसिद्ध है। दूसरे दिन को हम छोटी दिवाली के नाम से जानते हैं, और आखरी दिन सबसे खुसी का दिन दिवाली का होता है। दिवाली की तैयारी सारे घरो में एक महीने पहले से ही सुरु हो जाती है। लोग अपने घरो को साफ सुथरा बनाने में जुट जाते हैं। घर के सारे सदस्य सारे काम को एक साथ मिल कर करने लग जाते है। इस दिन मनुष्य अपने सारे गीले सिकवे भूल कर एक जुट हो कर इस त्यौहार को मानते है। इस दिन की खुसी लोगो के चेहरे पर झलकती हुई नजर आती है। बच्चे, बूढ़े, बड़े सभी इस खुसी को एक साथ साँझा करते है। दिवाली आने से पहले ही लोग अपने घरो की पुताई रंगाई सुरु कर देते, जो हमें स्वच्छता का प्रमाण देता है। दिवाली की खरीदारी को लेकर लोगो के अंदर एक उत्साह भर जाता है। बच्चे इस दिन को काफी आनंद से गुजारते है। खरीदारी को लेकर बच्चे काफी उत्सुक रहते हैं।

About Diwali in Hindi

दिवाली को हम दीपावली के नाम से भी जानते है, जिसका अर्थ होता हैं दिप यानी की दिया और आवली का अर्थ हैं क्रम से जैसा की हम दिवाली के दिन दिये को एक लाइन से जलाते हैं। दिवाली की शुभ आरम्भ रामायण काल से चला आ रहा है। इसकी वख्या रामायण और रामचरित मानस में भी किया गया हैं। जैसा की आप सभी लोगो को पता होगा की जब श्री राम को 14 वर्ष के लिए वनवास भेज दिया जाता हैं। और जब श्री राम अपने पुरे परिवार के साथ 14 वर्ष का वनवास पूरा कर के अयोध्या ( श्री राम जी का जन्म भूमि ) वापस आते हैं तो उनके आने की खुसी में और उनके स्वागत में पुरे अयोध्या नगरी को तरह तरह के फूलो से सजाया जाता है, तथा पुरे महल में घी के दिये जलाये जाते हैं।तभी से ले कर आज तक हम सभी अपने घरो को दिये और उजालो से भरते चले आ रहे हैं। यह दिन काफी शुभ मन जाता हैं, भगवन श्री राम के आगमन और उनकी स्वागत में आज भी अयोध्या को दुल्हन की भाति सजाया जाता हैं। आज भी हम अपने घरो को दिवाली आने से कुछ दिन पहले से ही साफ़ करने में लग जाते हैं। और मिट्टी के दिये जलाते हैं।

Diwali Festival Essay

दिवाली my favourite festival में से एक है। इसे हम काफी धूमधाम से मानते है। दिवाली का त्योहार मनाने के लिए हम कुछ दिन कह ले कुछ महीने पहले से ही उत्सुक रहते हैं। गांव हो या शहर हर जगह इसकी धूम मची रहती हैं। सभी लोग अपने घरो की सफाई में दिलो जान से लग जाते है। स्कूल, कॉलेज, दफ़्तर हर जगह केवल सफाई का ध्यान दिया जाता है। हर इंसान इस दिन को मन से जीना चाहता है, चारो ओर खुसियो की लहर गूजती रहती है। हर व्यक्ति अपने घर को अपने गली को अच्छे से साफ़ करता है। साफ़ सफाई के इस नज़ारे को देखते बनता है। हर इंसान खुसी से इस पल को व्यतीत करता है आर मौज करता है। घर ली लिपाई पुताई से लेकर घर की मरम्मत तक लोग काम सुरु कर देते है। दिवाली हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार है, यह हर साल काफी धूम धाम से मनाया जाता है। दिवाली के दिन हम एक दूसरे से गले मिल कर सारे गीले सिकवे दूर करते है, और हमेसा मिल जुल कर रहने की कामना करते है। दिवाली के दिन हर इंसान का मुँह मीठा होता है, मिठाइयों की सुगंध और स्वाद से इंसान भर जाता है। घर में तरह तरह के की मिठाई बनती है और लोगो में बाटी जाती है। दिवाली के दिन मिठाई की बहुत जरुरत पड़ती है, क्यों की इसे मिठाई वाला त्यौहार भी कहा जाता है। हर घर मिठाई से भर जाता है तथा सभी आने जाने वाले मेहमान को हम उनकी बिदाई मिठाई के साथ करते है। दिवाली के दिन बच्चे काफी खुस रहते है अलग प्रकार के व्यंजन और मिठाई के मजे लेते है।दिवाली के दिन हम श्री गणेश और माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करते है और अपने अच्छे भविष्य की मनो कामना मांगते है। इस दिन पढ़ने वाले बच्चे माता सरस्वती और अपने पुस्तक की पूजा करते है। शाम होते ही बच्चे नहा धो कर पूजा की तैयारी में लग जाते है। अपने सरे पुस्तक को इकट्ठा करते है और एक एक कर के सरे को पढ़ते है। इस दिन पढाई जरूर करनी चाहिए ये हमारे उज्जवल भविष्य को उजागर करता है, और हमें बुद्धि प्रदान करता है। पूजा आरती सुरु होते ही घर के सरे सदस्य एक जगह एकत्रित हो जाते है और पूजा आरती में ध्यान लगाते हैं। बच्चे, बड़े सभी पूजा में एक साथ शामिल होते हैं और पूजा में ध्यान लगा कर श्री गणेश और माता लक्ष्मी की आरती गाते है। पूजा समाप्त होते ही लोगो में प्रसाद वितरण का कार्य किया जाता हैं।दिवाली की शाम काफी उजाले से भरी होती है क्यों की इस दिन हम पुरे घरो को दिये जला कर भर देते है। और संसार को अँधेरा मुक्त कर देते हैं। घर के हर कोने से लेकर चार दीवारी तक हम दिया जलाते है। अपने घर की छतो पर हम दिया रख कर जलाते है। तथा मोमबत्ती से पुरे छत को भर देते हैं। चारो तरफ जगमग जगमग की रोशनी फैली रहती हैं मनो कोई दुल्हन सिंगार कर के बैठी हो। दिवाली के दिन कोई भी घर बिना दिये के सुना नहीं रहता चाहे गरीब हो या आमिर सब इसे अपने तरीके से मिल जुल कर मानते हैं। दिवाली के दिन घर की महिलाये शाम को रंगोली बना कर एक सुनहरा द्रिस्य प्रदान कराती हैं। रंगोली बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है दिवाली के दिन। कई कई जगह जैसे स्कूल और कॉलेज में तो रंगोली का प्रतियोगिता भी होता हैं। रंगोली बनाने के लिए हमें अलग अलग रंगो की जरुरत पड़ती है जो मार्किट में आसानी से मिल जाती हैं। दिवाली की शाम को पूजा समाप्त होते ही सभी परिवार एक साथ मिल के पटाखों का आनंद लेते है। बच्चे, बड़े सभी तरह तरह के पटाखे जैसे की फुलझड़ी, चकरी, अनार आदि जलाते हैं और इस त्यौहार हो और भी ज्यादा आनंद मय बनाते हैं। पूरा शहर इस दिन जग मग जग मग की रोशनी फैलती है। लोग अपने घरो में अलग अलग तरीके से रोशनी को प्रकाशित करते हैं। कोई अपने घरो को दियो से जला के भर देता है तो कोई इलेक्टिक लाइट लगा के। लेकिन दिवाली की जो विषेस बात यह की इस दिन हमें घी के दिये जलाने चाहिए।

Short Essay on Diwali in Hindi

Diwali के दिन हमें क्या करना चाहिए

दिवाली खुसियो का त्यौहार हैं।

दिवाली को हमें मिल जुल कर रहना चाहिए।

दिवाली के दिन हमें सभी अपने से बड़ो को बधाइ देना चाहिए।

दिवाली के दिन हमें लोगो को मिठाई देना चाहिए क्यों की यह शुभ मन जाता हैं।

दिवाली के कुछ दिन पहले से हमें अपने घर की सफाई चालू कर देनी चाहिए।

दिवाली की शाम को हमें श्री गणेश और माता लक्ष्मी जी की पूजा सबके साथ मिल कर करना चाहिए।

दिवाली वाले दिन अपने बड़े बुजुर्ग का आशीर्वाद लेना भी बहुत जरुरी हैं। पूजा समाप्त होते ही हमे सभी को प्रसाद देना चाहिए।

दिवाली के दिन हमें अपने सारे घरो में घी के दिये जलाने चाहिए।

दिवाली के दिन हमें अपने घरो में रंगोली बनाना चाहिए।

Diwali के दिन हमें क्या नहीं करना चाहिए

  • दिवाली के दिन हमे कोई आपसी मत भेद नहीं रखना चहिये
  • दिवाली के दिन हमें खतरनाक पटाखों से दूर रहना चाहिए
  • दिवाली के दिन हमें किसी से झगड़ा नहीं करना चाहिए
  • दिवाली के दिन हमें नशे पत्तो से दूर रहना चाहिए
  • दिवाली के दिन हमें किसी को परेशान नहीं करना चाहिए

10 lines on Diwali in Hindi

  • दिवाली हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार में से एक है।
  • दिवाली का त्योहार साल में एक बार आता हैं वो भी अक्टूबर या नवंबर में।
  • दिवाली दीपों का त्यौहार है।
  • दिवाली के दिन हम घी के दिए जलाते हैं।
  • दिवाली के दिन हम श्री गणेश और माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करते हैं।
  • दिवाली के दिन हम पुरे घर की सफाई करते है।
  • दिवाली के दिन हम लोगो के घर मिठाई देते है।
  • दिवाली के दिन हम अपने मुख्य द्वार पर रंगोली भी बनाते हैं।
  • दिवाली के दिन हम पटाखे फुलझड़ी इत्यादि जलाते हैं।
  • दिवाली के दिन हम अपने घरो को दिया मोमबत्ती और इलेक्टिक लाइट से सजाते हैं।

Question Ask by You

What is the real date of Diwali 2021 ?

4 November 2021

Which God is for Diwali ?

Shree Ganesha and Lakshmi

What food do you eat on Diwali ?

Sweets, Namkeen, Gulab Jamun, green vegetable, panner(chees)

Is Diwali a religious holiday ?

Yes its a hindu religious holiday

Why is Diwali celebrated

When Shri Ram comes back to Ayodhya (the birthplace of Shri Ram ji) after completing 14 years of exile with his entire family, the entire Ayodhya city is decorated with different types of flowers in the joy of his arrival and in his welcome, and Ghee lamps are lit throughout the palace.

Why is Diwali celebrated in India

When Shri Ram comes back to Ayodhya (the birthplace of Shri Ram ji) after completing 14 years of exile with his entire family, the entire Ayodhya city is decorated with different types of flowers in the joy of his arrival and in his welcome, and Ghee lamps are lit throughout the palace.

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