रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं, हम हरदम आपकी याद में तड़पते हैं, आप तो चले जाते हो छोड़कर हमें, हम रात भर आपसे मिलने को तरसते हैं।

चाँद की चाँदनी से एक पालकी बनायी है, ये पालकी हम ने तारों से सजाई है, ऐ हवा ज़रा धीरे-धीरे ही चलना, मेरे दोस्त को बड़ी प्यारी सी नींद आई है। शुभरात्रि।

ऐ चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना, तारों की महफ़िल के सपने दे देना, छुपा देना तुम अंधेरों को रौशनी से, इस रात के बाद एक खूबसूरत सवेरा देना।

तन्हा रात में जब हमारी याद सताये, हवा जब आपके बालों को सहलाये, कर लेना आँखें बंद और सो जाना, शायद हम आपके ख्वाबों में आ जाये।

होंठ कह नहीं सकते फ़साना दिल का, शायद नजर से हमारी बात हो जाए, इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार रात का, शायद सपने में ही मुलाकात हो जाये।

मिलने आयेंगे हम आपसे ख्वाबों में, ये जरा रौशनी के दिये बुझा दीजिए, अब नहीं होता इंतज़ार आपसे मुलाकात का, जरा अपनी आँखों के परदे गिरा दीजिए।

रात को मेरा नाम ले के सोया करो, खिड़की तो थोड़ा खोलकर सोया करो, हम आयेंगे तुम्हारे सपनों में रात को, इसलिए थोड़ी जगह छोड़कर सोया करो।

चाँद तारों से रात जगमगाने लगी, चमेली भी खुशबू महकाने लगी, सो जाइये अब रात हो गई काफी, अब तो मुझे भी मीठी नींद आने लगी।

प्यार कर के कोई जताए ये जरूरी तो नहीं, याद कर के कोई बताये ये जरूरी तो नहीं, रोने वाले तो दिल में ही रो लेते हैं अपने, कभी आँख में आँसू आये जरूरी तो नहीं।

मुझको रुला कर दिल उसका रोया तो होगा, उसकी आँखों में भी आँसू आया तो होगा, अगर न किया कुछ भी हासिल हमने प्यार में, कुछ न कुछ उसने भी खोया तो होगा।