मकर संक्रांति का पर्व हर शाल 14 और 15 जनवरी को मनाई जाती है कई जगहों पर इसे अलग अलग नाम से भी जाना जाता है 

कब आता है मकर संक्रांति

कहा जाता है की जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते है तो उसे मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है 

मकर संक्रांति क्या है

मकर संक्रांति को कई नाम से भी जाना जाता है जैसे की खिचड़ी, उतरण, माघ, बिहू, लोहरी, पोंगल आदि 

मकर संक्रांति के दिन स्नान दान, खिचड़ी, तिल, गुड़ खाने और दान देने का काफी महत्व है 

मकर संक्रांति का महत्तव 

मकर संक्रांति के दिन हमें क्या क्या करना चाहिए 

मकर संक्रांति के दिन सबसे पहले हमें स्नान करना चाहिए और सूर्य देव को जल एवम नमन करना चाहिए 

मकर संक्रांति के दिन हमें खिचड़ी, तिल के बने लड्डू, गुड़, दही, चूड़ा, जाड़े के अनुरूप व्यंजन का उपयोग करना चाहिए 

मकर संक्रांति के दिन हमें बच्चो के साथ मिल कर पतंग बाजी का भी लुप्त उठाना चाहिए 

मकर संक्रांति को पतंग उत्सव के लिए भी काफी प्रसिद्ध है कई जगहों पर तो पतंग मुकाबला भी कराया जाता है और पतंग बाजी का आनंद लिया जाता है